कालरी प्रबंधन ने वन भूमि पर बिना अनुमति के बना दी सड़क, विकास कार्य के नाम वन एवं वन्य प्राणियों को किया जा रहा है नष्ट
अनूपपुर :कोतमा – कोल इंडिया की सह कंपनी एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र अधिकारियों द्वारा नियम को ताक में रखकर सड़क निर्माण का कार्य किए जाने का मामला सामने आया है। पर्यावरण प्रेमियों ने कालरी प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि बिना अनुमति के वन भूमि पर सड़क का निर्माण किया गया है जो कि कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है किंतु अभी तक वन अधिकारियों ने कालरी प्रबंधन के खिलाफ वन अपराध पंजीबद्ध नहीं किया है जिससे एक और वन विभाग के अधिकारियों की मिली भगत पर भ्रष्टाचार की बू आ रही है पर्यावरण प्रेमी शोमना ने कालरी प्रबंधन एवं वन विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग उच्च अधिकारियों से की है बताया जाता है कि जमुना- कोतमा क्षेत्र के जमुना कॉलरी के नारायण भूमिगत खदान पहुंच मार्ग का डामरीकरण कर सड़क निर्माण किया गया है जो की वन विभाग से बिना अनुमति का कार्य हुआ है एक और भारत सरकार वन की रक्षा के लिए तरह-तरह की योजना निकाल कर वनों को बढ़ावा दे रहा है वहीं कॉलरी प्रबंधन एवं वन विभाग के उच्च अधिकारियों के सह पर लगातार वनों का विनाश किया जा रहा है इसका सीधा उदाहरण जमुना कोतमा क्षेत्र के एवं वन परिक्षेत्र कोतमा के कल्याणपुर बीट कक्ष क्रमांक 455 ,456 में जमुना कॉलरी मार्ग से नारायण भूमिगत खदान पहुंच मार्ग का डामरीकरण किया गया है।











