जिले मनेंद्रगढ़ संदीप चंदेल का शाल और श्रीफल से विधिवत सम्मान किया गया आयुर्वेद विश्व की सर्वाधिक प्राचीन चिकित्सा पद्धति-डॉ.संदीप चंदेल
रिपोर्टर नीतू सिंह
छत्तीसगढ़ मनेंन्द्रगढ चिरमिरी भरतपुर जिले आयुष मंत्रालय की मंशा के अनुरूप, योग एवं आयुर्वेद के प्रचार प्रसार के उत्कृष्ट कार्य के लिए, मनेद्रगढ़ योग सेवा समिति एमसीबी जिला के सौजन्य से शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय घुटरा के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ.संदीप चंदेल का नियमित योग साधकों के द्वारा शाल और श्रीफल से विधिवत सम्मान किया गया आयुर्वेद एवं पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ.चंदेल ने बतलाया कि चरक संहिता और सुश्रुत संहिता को आयुर्वेद का पहला लिखित ज्ञान ग्रंथ माना जाता है ,चरक संहिता में लगभग 500 दवाओ का जिक्र है, सुश्रुत संहिता में शरीर विज्ञान और रोग विज्ञान, शल्य चिकित्सा इत्यादि का वर्णन है। उन्होंने कहा कि भारत में अंग्रेजी चिकित्सा के अलावा बहुत सी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियां हैं जिसमें आयुर्वेद प्रमुख है। आयुष मंत्रालय के उद्देश्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा-आयुर्वेद विश्व के सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों में से एक है आयुर्वेद वेदों के समय से अर्थात लगभग 5000 ईसा पूर्व से भारत में इसका उपयोग किया जा रहा है डॉ. संदीप चंदेल के सम्मान समारोह में प्रमुख रूप से पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय, जिला प्रभारी बलबीर कौर, योग साधिका अर्चना सेजपाल, रूपा पोद्दार, आर डी दीवान, हर्षलता खियानी,पिंकी रैना संध्या साहू, रामसेवक विश्वकर्मा, राकेश अग्रवाल ,विवेक कुमार तिवारी,जगदंबा अग्रवाल,जसवीर सिंह रैना, रोशन जहां आदि योग साधक उपस्थित थे सम्मान समारोह में प्रमुख रूप से सहयोग युवा योग प्रशिक्षक विवेक कुमार तिवारी का था कार्यक्रम का संचालन पतंजलि योग समिति जिला एमसीबी के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक ने किया आभार प्रदर्शन छत्तीसगढ़ योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के युवा योग प्रशिक्षक विवेक कुमार तिवारी ने किया











