62 दिनों से अनूपपुर जिले में ठहरे तीन हाथी,दिन में जंगल तो रात में गांव में पहुंचकर करते हंगामा
अनूपपुर : तीन हाथियों का समूह 62 दिनों से अनूपपुर जिले के अनूपपुर एवं जैतहरी क्षेत्र के इलाकों में निरंतर दिन के समय जंगल में बिताने बाद शाम रात होते ही जंगल से लगे ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर ग्रामीणों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं निरंतर ठहरे हाथियों की निगरानी एवं गतिविधि को देखने के लिए वाइल्ड लाइफ स्टूटेनट आंफ इन्डिया पश्चिम बंगाल के हाथी विशेषज्ञों का एक दल ने विगत दिनों हाथियों के स्वभाव का निरीक्षण कर आगे की रणनीति बनाए जाने की बात कही कई दिनों से तीनों हाथी एक एवं दो की संख्या में अलग-अलग होकर धनगवां बीट के जंगल में ही ठहरे हुए हैं।
विदित है कि 62 दिनों से तीन हाथियों का समूह छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परिक्षेत्र की सीमा को पार कर एक माह 6 दिन बाद 23 दिसंबर की रात एक बार फिर से मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला अंतर्गत क्षेत्र के चोलना धनगवां इलाके में प्रवेश कर बचहाटौला,कुकुरगोंड़ा,पड़रिया के चोई के गोढाटोला,भलुवानटोला पडमनिया टोला,ग्राम पंचायत क्योटार के कुशमुहाई गांव से लगे झंडीटोला,पलाडोल,पटौरा से टकहुली,चांदपुर,गुवारी से अमगवां सोनमौहरी होते हुए अनूपपुर क्षेत्र के सेंदुरी,बर्री, भगतबांध से सोन नदी पार कर सीतापुर,बरबसपुर,मैरटोला,भोलगढ़,पौड़ी,खांडा,मानपुर से एक रात को केशवाही वन परिक्षेत्र के रामपुर बीट अंतर्गत बैरिहा गांव में विचरण करते हुए फिर से विगत एक सप्ताह से अधिक समय से जैतहरी के धनगवां बीट अंतर्गत कुकुरगोंड़ा पंचायत के बेल्हाटोला,कोशमटोला,सरईहा ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव के भलुवान टोला,गोढाटोला,पडमनिया टोला ग्राम पंचायत क्योटार के ग्राम कुशुमहाई अंतर्गत झंडीटोला,पालाडोल पटौरा से लगे जंगल में दिन के समय जंगल के अंदर विश्राम करने बाद साम रात होते ही खाने की तलाश में ग्रामीण अंचलों में पहुंच रहे हैं जबकि एक दांत वाला नर हाथी अक्सर अकेले निकल कर शाम से पूरी रात विचरण करता है जबकि दो दो दांत वाले हाथी अलग होकर दिन एवं रात के समय अधिकतर दिनों से जंगल के अंदर ही दिन एवं रात के समय विचरण कर रहे हैं शुक्रवार एवं शनिवार की मध्य रात्रि एक दांत वाला नर हाथी पड़रिया पंचायत के चोई गांव से लगे भलुवान टोला गोढाटोला एवं पडमनिया टोला में पहुंचकर ग्रामीणों के खेतों में लगे फसलों को रात भर खाता रहा है हाथियों के निरंतर विचरण पर वन मंडलाधिकारी अनूपपुर के निर्देश पर वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के हाथी विशेषज्ञों का एक दल वन पर क्षेत्र अधिकारी जैतहरी विवेक मिश्रा के साथ जैतहरी के धनगवां बीट में पहुंचकर हाथियों के विचरण एवं हाथियों के स्वभाव का निरीक्षण कर हाथियों के दल को जिले से बाहर किए जाने हेतु योजना बनाए जाने की बात कही है रविवार के दिन तीनों हाथी एक एवं दो की संख्या में अलग-अलग हो कर धनगवां के जंगल में विश्राम एवं विचरण कर रहे हैं











