नगर सरकार विकास की दरकार लीपा पोती का चल रहा कारोबार, स्वच्छता एवं स्वच्छ सर्वेक्षण के नाम पर हो रहा दिखावा
मामला नगर पालिका परिषद पसान का
अनिल गुप्ता की रिपोर्ट कोतमा
अनूपपुर / कोतमा – मध्य प्रदेश सरकार और शासन के द्वारा जनहित में नगर परिषद नगर पालिक निगम स्वायत विभाग नगरी प्रशासन के द्वारा शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं को लेकर नगरों के विकास की एक नई रूपरेखा तैयार कर ऑनलाइन टेंडरिंग के हिसाब से की जाने वाले विकास कार्यों की स्वीकृति एवं नगर परिषद के माध्यम से सभी वार्डों में चल रहे स्वच्छता अभियान के तहत साफ सफाई सिर्फ एक पहली बनकर लोगों के नजरों पर धूल झोंकने का नया तरीका निकाला, देखा जाए तो नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत स्वच्छता को लेकर आउटसोर्स कर्मचारी के माध्यम से कराई जा रही है,सफाई ऊपरी दिखावा साबित हो रहा भरी बरसात में जमीन से ऊपर निकले बड़े-बड़े खरपतवार व बजबजाती नालियां पानी निकासी अवरुद्ध होना और मोहल्ले में जगह-जगह गंदगी, सफाई कर्मियों के द्वारा महज ऊपरी सफाई कर कचरो के ढेर को यथावत वहीं पड़े रहने देना और उन्हें अन्यत्र स्थान चयनित जगह जहां पर कचरे को एकत्रित करना है किन्तु ऐसा नहीं किया जा रहा है कारण सफाई में लगे कर्मचारी धारदार हथियार लेकर जमे हुए खरपतवार एवं पौधों को जड़ से न उखाड़ कर ऊपर से छ्टनी कर दी जा रही जिसकी वजह से पुन: वह पौधे कचरे का रूप धारण कर ले रहे और जिसमें जहरीले जीवों का वास हो गया है वार्ड में फैले हुए कचरे के अंबार को नगर पालिका में लगे कचरा वाहन के माध्यम से आधा अधूरा समेटकर उन वाहनों में लगने वाले ड्राइवर और डीजल के बिलों को फर्जी तरीके से भूनाया जा रहा है जबकि वार्ड की गंदगी एवं कचरा यथावत वार्ड वासियों के लिए समस्या का कारण बना हुआ है।











